बाल-विवाह, महिला व बाल हिंसा उन्मूलन में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण: रश्मि
Last Updated on October 31, 2023 by Gopi Krishna Verma
डीसी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर बैठक में सामाजिक बुराईयों पर चर्चा

गिरिडीह। मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार जिला समाज कल्याण पदाधिकारी की अध्यक्षता में बाल विवाह, महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने हेतु जागरूकता एवं अभिविन्यास अभियान से संबंधित बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि बाल-विवाह एक अत्यंत ही गंभीर मुद्दा है। जिस पर रोक लगाने हेतु जमीनी स्तर पर जनमानस को जागरुक करते हुए राज्य में बाल विवाह के विरुद्ध सकारात्मक माहौल तैयार करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षित करने के अलावा महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रुप से सशक्त बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को अपनी सोच व नजरिया बदलने की आवश्यकता हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि बाल विवाह, महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने हेतु सबसे महत्वपूर्ण है कि बेटियों को शिक्षित बनाया जाए, ताकि वो समाज को एक नई दिशा देने में सक्षम हो सके। हम सभी अधिकारीगण व गैर सरकारी संगठन के साथ मिलकर इस मुहिम के खिलाफ लड़ना है व गिरिडीह जिला को बाल विवाह मुक्त व महिलाओं एवं बच्चों का हिंसामुक्त जिला बनाना है।
जागरूकता फैलाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण: रश्मि : बैठक को संबोधित करते हुए जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रश्मि सिन्हा ने कहा कि इस अभियान में मीडिया कर्मी की भूमिका अहम है, मीडिया कर्मियों के साथ 04.11.2023 को इस विषय पर अलग से चर्चा की जाएगी। वही जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी जीतू कुमार ने नए अधिसूचित बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकरीगण जिसमें सभी पंचायत सचिव महिला पर्यवेक्षिका प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी व अन्य को प्रशिक्षण दिलाने की बात कही। ताकि बाल-विवाह के मामले पर उक्त के द्वारा थाने में प्राथिमिकी दर्ज किया जा सके। बैठक के मुद्दो पर चर्चा करते हुए प्रोबेशन पदाधिकरी अहमद अली ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में पीड़िताओं को मुवावजा दिया जाना अनिवार्य है। इस संबध में जिला विधिक सेवाऐं प्राधिकार से वार्तालाप करते हुए पीड़िताओं की सूची बाल कल्याण समिति के माध्यम से भेजा जाय। बैठक को सम्बोधित करते हुए संरक्षण पदाधिकारी श्यामा प्रसाद ने कही की जिला बाल संगरक्षण इकाई के द्वारा जिले के सभी उच्च विद्यालयों, कस्तूरबा विद्यालयों में बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला बाल संरक्षण इकाई के परामर्शदात्री नीलम कुमारी ने कहा की जिले के +2 विद्यालयों एवं शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम किया जाना है। बैठक की समाप्ति सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्मृति में आयोजित एकता शपथ के साथ की गई।
कौन-कौन थे उपस्थित: बैठक में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रश्मि सिन्हा, जिला शिक्षा कार्यालय से रानू बोस, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी जीतू कुमार, जिला बाल संरक्षण से विधि सह प्रोबेसन पधाधिकारी अहमद अली, संरक्षण पदाधिकरी श्यामा प्रसाद, परामर्शदात्री नीलम कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र सिन्हा, जिला योजना समन्वयक xiss unicef से गणौरी विश्वकर्मा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पूजा सिन्हा, सदस्य सुनीता प्रसाद, नीतू सिन्हा, जिला समन्वयक नीति आयोग अंजली बीन सिकदर के अलावे बनवासी विकास आश्रम से सुरेश शक्ति, जागो फाउंडेशन से सरोजीत कुमार, अभियुक्ति फाउंडेशन से रूपम, लीड फाउंडेशन से रितेश सराक, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन से सुरेंद्र पंडित, राजू , चाइल्डलाइन से नरेश यादव, वन स्टॉप सेंटर से मीरा कुमारी, कंचन कुमारी, अनीशा कुमारी, पीएलवी सुनीता कुमारी, जिलानी बानो उपस्थित थे।