बिमार होने पर चालिस दिनों तक की मजदूरी का होगा फ्री भुगतान: सहायक श्रमायुक्त, रवि शंकर
Last Updated on March 22, 2025 by Gopi Krishna Verma
बैठक में मजदूरों को चिकित्सा सहायता और प्रतिपूर्ति चिकित्सा सहायता योजना के विषय में विस्तार से हुई चर्चा

गिरिडीह। सिविल सर्जन, गिरिडीह, डॉ एसपी मिश्रा की अध्यक्षता में झारखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत संवालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं यथा-चिकित्सा सहायता योजना चिकित्सा प्रतिपुर्ति योजना एवं मातृत्व प्रसुविधा योजना से संबंधित बैठक संपन्न हुआ। इसमें मजदूरों को चिकित्सा सहायता और प्रतिपूर्ति चिकित्सा सहायता योजना के विषय में विस्तार से चर्चा हुई।
सहायक श्रमायुक्त, रवि शंकर ने बैठक में बताया कि निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों जो किसी बीमारी के दौरान अस्पताल में 5 दिन या इससे अधिक कार्यदिक्रा के दौरान भर्ती होते हैं तो भर्ती रहने वाले मजदूरों को इन दिनों का न्यूनतम मजदूरी श्रम विभाग देगा। इस योजना के तहत अधिकतम 40 दिन के न्यूनतम मजदूरी का भुगतान श्रमिकों को किया जाना है।

साथ ही मजदूरों को गंभीर बीमारी होने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के तहत गंभीर बीमारी यथा कैंसर, हृदय रोग (शल्यक्रिया सहित), गुर्दा रोग (शल्यक्रिया संहित), असाध्य मानसिक रोग (शल्यक्रिया संहित), एड्स, टोटल हिप रिप्लेसमेंट, स्पाईनल सर्जरी, मेजर वेस्कुलर डिजीज, बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट, लीवर ट्रांसप्लान्ट, हेपाटोमा, एडवांस सिरोसिस ऑफ लीवर, रेटीनल डिटाचमेंट, प्रोलिफरेटिव डाईबेटिक रेटिनोपैथी रेटीनल आर्टरी ऑक्लूजन, ईल्स डिजीज, मैकुलर तोल से पीडित गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इस मदद के पहले जिलास्तरीय मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा के बाद ही श्रमिक को इलाज में मदद मिल सकेगी।
सिविल सर्जन ने कहा कि चिकित्सा राहायता योजना चिकित्सा प्रतिपुर्ति योजना एवं मातृत्व प्रसुविधा योजना का वृहद रूप से प्रचार-प्रसार करें।